सत्ता आते ही मंदसौर गोलीकाण्ड और सिंहस्थ घोटाले पर कांग्रेस का यूटर्न, नहीं होगी जांच

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भोपाल। मध्यप्रदेश में सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार के सुर बदल गए हैं। जिन मुद्दों पर वह बीजेपी की शिवराज सरकार को घेरने में पीछे नहीं होती थी अब सहमति जता रही है।

कांग्रेस की कमलनाथ  सरकार के गृह मंत्री बाला बच्चन ने सोमवार को कहा कि मंदसौर में किसानों पर गोली कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आत्मरक्षा में चलाई गई थी।  बाला बच्चन ने विधानसभा में सोमवार को विधायक हर्ष विजय गहलोत के सवाल के लिखित जवाब में कहा कि मंदसौर के पिपलिया मंडी थाना में 6 जून 2017 को हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आत्मरक्षा और सरकारी व निजी संपत्ति की सुरक्षा के लिए गोली चलाई गई थी। एसडीएम श्रवण भंडारी ने आत्मरक्षा और शासकीय संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए पिपल्यामंडी के महू-नीमच हाईवे रोड बही चौपाटी पर पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कार्रवाई की। इस घटना की जांच रिटायर्ड जस्टिस जेके जैन को सौंपी गई थी। उनकी जांच रिपोर्ट पर परीक्षण के बाद कार्यवाही की जाएगी। बता दें कि पिपल्यामंडी में किसान आंदोलन के दौरान पुलिस के गोली चलाने से छह किसानों की मौत हो गई थी।

सिंहस्थ घोटाले की जांच भी नहीं होगी

प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सिंहस्थ घोटाले की जांच नहीं कराने का फैसला लिया है। कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने विधानसभा में सवाल पूछा कि क्या राज्य सरकार सिंहस्थ 2016 में हुई आर्थिक अनियमितताओं की जांच करने वाली है। इस पर नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह ने लिखित जवाब में जांच से इनकार किया है।
उल्लेखनीय है की पिछले चुनाव में कांग्रेस नेताओं ने सिंहस्थ घोटाले के मुद्दे को बहुत जोर-शोर से उठाया था। कांग्रेस ने जनता से वादा किया था कि सरकार में आने पर इसकी जांच कराई जाएगी। यहां तक कि विपक्ष में रहते हुए भी कांग्रेस ने विधायकों की एक जांच कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने भी सिंहस्थ में कई घोटाले गिनाए थे।