विभाग बंटवारा: सज्जन के स्थान पर दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन ले गए नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय

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भोपाल। कमलनाथ मंत्रिमंडल में मंत्रियों के विभागों की घोषणा कर दी गई है।  विभागों के बंटवारे में सीएम कमल नाथ ने महत्वपूर्ण विभागों को अपने पास रखा है। बाला बच्चन गृह मंत्री होंगे। वहीं तरुण भनोत प्रदेश के नये वित्त मंत्री होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह को नगरीय विकास एवं आवास विभाग जैसी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। सज्जन सिंह वर्मा को लोक निर्माण, पर्यावरण विभाग और डॉ। गोविंद सिंह को राजस्व जैसा बड़ा महकमा दिया गया है। कमलेश्वर पटेल को भारी- भरकम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग आवंटित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग सहित रोजगार और कौशल से जुड़े विभाग अपने पास ही रखे हैं। मुख्यमंत्री ने जनसंपर्क सहित कुल 8 विभाग अपने पास रखे हैं।

सज्जन का विभाग जयवर्धन सिंह को?

सूत्र बताते हैं की दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन को वित्त विभाग की जिम्मेदारी देने का दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के हस्तक्षेप के बाद सज्जन सिंह वर्मा को मिलने वाला नगरीय प्रशासन विभाग जयवर्धन को दिया गया। माना जा रहा है की वित्त विभाग जयवर्धन को देने से वरिष्ठ नेता नाराज हो सकते थे इसलिए उन्हें सज्जन को मिलने वाला विभाग दे कर संतुष्ट किया गया और सज्जन सिंह वर्मा को लोक निर्माण, पर्यावरण विभाग दिया गया। 

देखिये किसे कौन सा विभाग मिला

  • डॉ.  विजय लक्ष्मी साधो को संस्कृति, चिकित्सा शिक्षा तथा आयुष विभाग का दायित्व सौंपा गया है।
  • सज्जन सिंह वर्मा को लोक निर्माण तथा पर्यावरण विभाग आवंटित किये गये है।
  • हुकुम सिंह कराड़ा जल संसाधन विभाग का दायित्व सम्भालेंगे।
  • डॉ। गोविन्द सिंह को साहकारिता विभाग तथा संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है
  • बाला बच्चन को गृह तथा जेल विभाग सौंपा गया है वे मुख्यमंत्री से भी संबद्ध रहेंगे।
  • आरिफ अकील को भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग आवंटित किये गये है।
  • बृजेन्द्र सिंह राठौर को वाणिज्य कर विभाग सौंपा गया है।
  • मंत्रिमंडल में शामिल एकमात्र निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल को खनिज साधन विभाग आवंटित किया गया है।
  • लाखन सिंह यादव को पशुपालन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग का दायित्व सम्भालेंगे
  • तुलसी सिलावट लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बनाये गये है।
  • गोविन्द सिंह राजपूत राजस्व तथा परिवहन विभाग का दायित्व सम्भालेंगे।
  • इमरती देवी को महिला एवं बाल विकास विभाग आवंटित किया गया है।
  • ओमकार सिंह मरकाम जनजातीय कार्य विभाग, विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग मंत्री होंगे।
  • प्रभुराम चौधरी स्कूल शिक्षा मंत्री बनाये गये है।
  • प्रियव्रत सिंह को ऊर्जा विभाग आवंटित किया गया है।
  • सुखदेव पांसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मंत्री होंगे। उमंग सिंघार वन मंत्री बनाये गये है।
  • हर्ष यादव को कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग आवंटित किया गया है।
  • वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री होंगे।
  • जीतू पटवारी को खेल एवं युवा कल्याण तथा उच्च शिक्षा विभाग का दायित्व सौंपा गया है।
  • कमलेश्वर पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री बनाये गये है
  • लखन घनघोरिया सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग तथा अनुसूचित जाति कल्याण का दायित्व सम्भालेंगे।
  • महेन्द्र सिंह सिसोदिया श्रम मंत्री होंगे।
  • पीसी शर्मा विधि एवं विधायी कार्य विभाग के मंत्री बनाये गये है वे मुख्यमंत्री से भी संबद्ध रहेंगे।
  • प्रद्यूम्न सिंह तोमर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री होंगे।
  • पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव के छोटे भाई सचिन सुभाष यादव को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग और उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का दायित्व सौंपा गया है।
  • सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल को नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा पर्यटन विभाग आवंटित किये गये है
  • तरूण भनोट को वित्त विभाग तथा योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग सौंपा गया है।

बता दें कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 17 दिसंबर को मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के तौर पर  जम्बूरी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में शपथ ली थी। प्रदेश में 15 साल के भाजपा शासन के बाद कांग्रेस की सरकार बनी है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने 25 दिसंबर को अपने मंत्रिमंडल का गठन करते हुए 28 कैबिनेट मंत्री शामिल किये। सरकार को समर्थन दे रहे बसपा और सपा विधायक मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किये गये हैं। मध्यप्रदेश में नवगठित विधानसभा का पहला सत्र सात जनवरी से शुरु होगा।